‘सूट बूट’ नहीं बल्कि ‘सूट बूट लूट’ वाली सरकार है बीजेपी –...

‘सूट बूट’ नहीं बल्कि ‘सूट बूट लूट’ वाली सरकार है बीजेपी – कांग्रेस  

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कांग्रेस ने एक प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर बीजेपी पर फिर से निशाना साधा है।  अब लगातार कांग्रेस बीजेपी पर आरोपों का शिकंजा कसने की कोशिश में लगयी हुई है इसलिए कांग्रेस ने इस बार भी आयातित कोयला निर्धारित बिजली परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए जो समिति गठित की गयी थी उस फैसले पर अब  कांग्रेस ने कई सवाल उठा दिए है इसके साथ ही कांग्रेस ने ये भी आरोप लगाया है कि बीजेपी सरकार ये सिर्फ इसलिए कर रही है ताकि वो चुनिन्दा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फायदा पहुंचा सके। लेकिन उसके इस कदम से कई राज्यों में उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचेगा । बता दें कि ये आरोप कांग्रेस के नेता जयराम रमेश तथा शक्ति सिंह गोहिल ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में लगाया है इसके साथ ही  इस दौरान कांग्रेस ने कहा है कि ‘ गुजरात सरकार की तीन जुलाई 2018 की अधिसूचना उच्चतम न्यायालय के पिछले साल के आदेश का उल्लंघन है जिसने बिजली शुल्क बढ़ाने की इच्छा रखने वाली कंपनियों को कोई राहत देने के लिए दरवाजे बंद कर दिए थे। ‘ इस प्रेस कांफ्रेंस के ज़रिये रमेश ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ” वह सांठगांठ वाली पूंजीवादी है तथा ‘सूट बूट सरकार’ का एक और उदाहरण है। यह न सिर्फ ‘सूट बूट’, बल्कि ‘सूट बूट लूट’ है। ”  ये बीजेपी सिर्फ अपन फेफे के लिए कर रही है । वो अपने फायदे के लिए और लोगो को नुकसान तक पहुंचने के लिए तैयार है । इसके साथ ही रमेश ने कहा ” क्योंकि उच्चतम न्यायालय अंतिम फैसला दे चुका है, इसलिए शुल्क के संबंध में किसी अन्य तरीके से समीक्षा नहीं की जा सकती। ” इसके साथ ही रमेश ने ये पुरे दावे के साथ कहा है कि ये बीजेपी ने ये कदम इन कंपनियों को मुनाफे के लिए उठया था। रमेश ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि नीयत साफ है। यह स्पष्ट तौर पर दिखाता है कि न सिर्फ उनकी नीति गलत है, बल्कि इरादा भी संदेह के घेरे में है।’’ लेकिन वही इसी कांग्रेस के नेता गोहिल ने आरोप लगाया कि ‘ सरकार इन कंपनियों को 88,000 करोड़ रुपये तक का फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है जिसका भार गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। ‘ लेकिन इस तरह की बयानबाजी कांग्रेस के नेता क्या साबित करना चाहते है। अब बीजेपी का कांग्रेस के इस पर बयान पर क्या रुख अपनी है।

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