समुंद्र में बारूदी सुरंग हटाने वाले 12 पोत खरीदने की तैयारी 

समुंद्र में बारूदी सुरंग हटाने वाले 12 पोत खरीदने की तैयारी 

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नई दिल्ली: नैसेना के लिए 32 हजार करोड़ रूपए की परियोजना के लिए रूचि पत्र जारी किया गया है. समुंद्र में बारूदी सुरंग हटानेवाले पोत माईंसस्वीपर खरीदने के लिए रूचि पत्र लेटर औफ़ इंटरेस्ट जारी किया है. यह प्रक्रिया दोबारा सुरु की जाएगीं. 32 हजार करोड़ रूपए की इस परियोजना के लिए अब तक गोवा शिपयार्ड और दक्षिण कोरिया की एक कंपनी के बीच चल रही बातचीत टूट गया है. हिन्द महासागर क्षेत्र की नौसेना के बढ़ते दखल की पृष्ठभूमि में नौ सेना को भारत की समुंद्री मार्गो की रक्षा के लिए जरुरी माइंसस्वीपर या बारूदी सुरंग निरोधक पोतो की जरुरत अरसे से महसूस किया जा रहा है. सरकारी गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के अध्यक्ष रियल एडमिरल सेवानिवृत शेखर मित्तल ने कहा. हम परियोजना के लिए जल्द ही एक ताजा रुचिपत्र जारी कर रहे है. गोवा शिपयार्ड लिमिटेड की कोरियाई कंपनी के साथ बातचीत कई मुद्दों पर मतभेदों के चलते रोकनी पड़ी जिसमे प्रोधोगिकी स्थानान्तरण के लिए शर्त भी शामिल थी. रूचि पत्र माईंसस्वीपर का निर्माण करने वाली कई विदेशी रक्षा कंपनियों को जारी किया जा रहा है. मूल समझौते के अनुसार गोवा शिपयार्ड और कोरियाई कंगनम कार्पोरेशन को ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत में 12 माईंसस्वीपर का निर्माण करना था और आपूर्ति परियोजना सुरु होने के नौ वर्ष के भीतर पूरी की जानी थी. दोनों पक्षों ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं को अंतिम रूप देने के लिए काफी माथा पच्ची किया. रक्षा पर संसद की एक स्थाई समिति ने माइंस्वीपर की खरीद में देरी के लिए सरकार की आलोचना की है और उससे नौ सेना की क्षमता में कमी को भरने के लिए कहा है. माईंसस्वीपर पोत पानी के भीतर बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उन्हें नष्ट करते है और उन्हें प्रमुख समुंद्री मार्गो को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.

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