बिजली कंपनियों ने डीईआरसी को सौपा घाटे और राजस्व का ब्योरा 

बिजली कंपनियों ने डीईआरसी को सौपा घाटे और राजस्व का ब्योरा 

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नई दिल्ली: घाटे का रोना रोकर बिजली के दाम बढवाने की कवायत में लगी निजी बिजली वितरण कंपनियों डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में हुए घाटे और वित्तीय वर्ष 2018-19 के तहत अनुमानित खर्च व राजस्व का ब्योरा दिल्ली विधुत विनिमायक आयोग डीआरसी को सौपा है. घाटे के मामले में बीआरपीएल BSES राजधानी पॉवर लिमिटेड सबसे आगे है. बिजली के दामो को लेकर होनेवाले इस सालाना कवायद में अब डीईआरसी को सौपा है. घाटे के मामले में BRPL, BSES राजधानी पावर लिमिटेड सबसे आगे है. बिजली के दामो को लेकर होनेवाली इस सालाना कवायद में अब डीआरसी के वितरण कंपनियों की याचिकाओं पर उपभोक्ताओं और अन्य हितधारको से 31 जनवरी तक सुझाव मांगे है. तीनो डिस्कॉम कंपनियों द्वारा घाटे के मामले में TPDDL. टाटा पॉवर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड दूसरे स्थान पर है. BRPL द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए कुल 648 करोड़ का घटा दिखाया गया है. कंपनी ने 2018-19 के लिए अग्रिग्रेट रेव्नेयू रिक्वैरेमेंट का अनुमान 9728 करोड़ लगाया है. और राजस्व का अनुमान 4748 करोड़ रूपए लगाया है. वही अनुमानित राजस्व 409 करोड़ है. इन वितरण कंपनियों में 2016-17 के दौरान सबसे ज्यदा बिजली वितरण में क्षति बिवाईपील का रहा जो 12.99 फीसद है. इसके बाद BRPL का रहा जो 12.99 फीसद है. इसके बाद बिआरपील 11.13 फीसद और PTDDL का 8.62 फीसद रहा. डिस्कॉम कंपनियों ने इसी राजस्व अंतर की भारपाई के लिए बिजली दरो में बढ़ोतरी करने के लिए DERC को प्रस्ताव भेजा है. DERC ने कहा की योजनाये की जांच और जरुरी होने पर स्पष्टीकरण मांगेजाने और विभिन्न हितधारको से प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद ही याचिकाओं पर आदेश यानि बिजली के दामो में बदलाव या यथास्थिति रखे जाने के आदेश जारी किए जायेंगे.

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