भारत-अमेरिका दोस्ती नई ऊचाईयो पर 

भारत-अमेरिका दोस्ती नई ऊचाईयो पर 

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वाशिंगटन : भारत अमेरिका दोस्ती वर्ष 2017 में नई उंचाइयो पर पहुंची है. भारत इकलौता ऐसा देश है जिसके लिए ट्रम्प प्रशासन 100 वर्षीय योजना लाए, यह सम्मान अमेरिका के शीर्ष सहयोगियों को भी प्राप्त नहीं है. ट्रंप प्रशासन ने एशिया प्रशांत छेत्र को हिन्द प्रशांत छेत्र नाम दिया है बल्कि चीन की बेचैनी को बढ़ाते हुए पूरे छेत्र में नई दिल्ली को और बड़ी भूमिका और स्थान भी दिया. इसके साथ ही अमेरिका ने पहली बार स्पष्ट शब्दों में कहां की अफगानिस्तान में भारत एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है. ट्रम्प ने अपनी दक्षिण एशिया नीति में युद्धग्रस्त राष्ट्र में शांति बहाल करने में भारत की भूमिका को अहम बताया. यह भी पहली बार हुआ की अमेरिकी राष्ट्रपति ने नई दिल्ली के रुख से सहमति जताई कि आतंकवाद पाकिस्तान से पैदा होता है. राष्ट्रपति ट्रम्प ने हाल में अपनी पहली राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति जारी की है जिसमे भारत को अग्रणी वैश्विक ताकत बताया है. दक्षिण एवं मध्य एशिया के ब्यूरो के प्रभारी अमेरिकी विदेश उपमंत्री टी वाजदा ने बताया, अमेरिका भारत संबंधो के लिए 2017 एक महत्वपूर्ण वर्ष रहा. उन्होंने कहां 2017 में हमारे द्विपक्षीय संबंध हमारे साझा हितो और लक्ष्य के साथ इस पर केंद्रित है कि दुनियाभर में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए हम मिलकर क्या कर सकते है खासकर हिन्द प्रशांत छेत्र में. आतंकी खतरों से मुकाबले में अपनी प्रतिरक्षा और सुरक्षा संबंधो को मजबूत करने, मुक्त और परस्पर व्यापार को बढ़ावा देने और उर्जा संपर्को को बढ़ाने के लिए. उन्होंने बताया कि जैसा कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाशिंगटन दौरे के दौरान कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच सबंध पहले के मुकाबले कही अधिक मजबूत कही अधिक बेहतर है. चीन की वन वेल्ट वन रोड परियोजना पर भी अमेरिका ने पहली बार भारत के रुख का समर्थन किया है. इसके आलावा रक्षा मंत्री जिम मैटिस के नेतृत्व में पूरे प्रशासन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरने वाले चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को लेकर संप्रभुता का मुद्दा भी उठाया. दो पक्षीय संबंधो के लिए जमीन वर्ष के पहले छह महीने में दोनों पक्षों के अधिकारियों ने तैयार की खासकर विदेश सचिव एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने. उन्होंने अमीरिका के कई दौरे किए और व्हाएट हाउस के कई वरिष्ठ अधिकारियों की आगवानी की लेकिन इस वर्ष दो पक्षीय संबंधो में नया और एतिहासिक मोड़ 26 जून को आया. जब प्रधानमंत्री मोदी ने व्हाएट हाउस में ट्रम्प से मुलाकात की. और सार्थक पहल किया गया अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस और टीलरसन भारत दौरे पर गए. वाजदा ने कहा हमारी सेना ने चेन्नई में मालबार नैसेना अभ्यास के माध्यम से एक बार फिर साथ काम करने की अपनी क्षमता साबित की, वाशिंगटन ने हमारी सेनाओं ने युद्ध अभ्यास अभियान के जरिए आतंकवाद निरोध तथा उग्रवाद निरोध अभियानों ने अपने कौशल को और निखारा. इससे साबित हो गया है कि अमरिका भारत साझेदारी दोनों पक्षों के लिए प्राथमिकता है.

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