2G घोटाला का मामला अधर में 

2G घोटाला का मामला अधर में 

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नई दिल्ली : कई सालो से UPA को परेशान करनेवाले 2G स्पेक्ट्रम का घोटाला करनेवाले सभी 19 अभियुक्त को दिल्ली की सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरूवार को बरी कर दिया है. 2008 में स्पेक्ट्रम की नीलामी में अनियमितता के आरोप में सीबीआई ने साल 2011 में चार्टशीट फाइल कर यूपीए सरकार के दूरसंचार मंत्री ए राजा सहित कुल 19 लोगो को 1.76 लाख करोड़ से इस कथित घोटाले में आरोपी बनाया था. विशेष जज ओ पी सैनी ने फैसला सुनाते हुए सीबीआई को कड़ा संदेश दिया और कहा कि सीबीआई एक भी सबूत को रिकोर्ड पर नहीं ले पायी है. हलाकि सीबीआई ने कहा कि वो इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देगी ये पूरा मामला साल 2010 के सामने आया था. जब कैग की रिपोर्ट में 122 लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे. जिन्हें बाद में साल 2012 में सुप्रीमकोर्ट ने रद्द कर दिया था. मामले की चार्टशीट में ई डी ने DMK के सुप्रीमो एम करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्माल को भी आरोपी के रूप में नामांकित किया था जिसमे 200 करोड़ रुपए स्वान टेलीकॉम पी लिमिटेड प्रोमोटरो द्वारा चलाया जा रहे कलैग्नर टी वी को मदद पहुँचाने का आरोप था.
सीबीआई ने गुरूवार को कहां की सीबीआई की विशेष आदालत द्वारा 2G स्पेक्ट्रम मामले में सुनाए गये फैसले के विरुद्ध उच्च न्यायलय जायेगी और कहा कि अदालत अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के “उचित परिप्रेक्ष्य” पर ध्यान देने में विफल रहा. सीबीआई ने अपने व्यान में कहा, सीबीआई मामले में आवयश्क कानूनी उपाए का सहारा लेगी और 21 दिसंबर 2017 को 2जी मामले में विशेष अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले के विरुद्ध उच्च न्यायलय जाने पर विचार कर रही है.

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