महिलाओं को अपनों से ही ज्यदा खतरा है: रिपोर्ट 

महिलाओं को अपनों से ही ज्यदा खतरा है: रिपोर्ट 

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नई दिल्ली : यौन अपराधो के देश की बच्चियां और महिलाएं पराये लोगो के मुकाबले अपने सगे संबंधियों और जान पहचान के लोगो से कही ज्यदा असुरक्षित है. राष्ट्रीय अपराध रिकोर्ड ब्यूरो NCRB की ताज़ा रिपोर्ट सामाजिक गिरावट के इस रुख को दर्शाती है. इसके आकड़े बताते है कि वर्ष 2016 बलात्कार के 94.6 फीसद पंजीबद्ध मामलो के आरोपी कोई और नहीं बल्कि पीड़िताओ के परिचित थे जिनमे उनके दादा, पिता भाई और बेटे तक शामिल है. NCRB की सालाना रिपोर्ट भारत में अपराध 2016 के मुताबिक देश में पिछले साल लैंगिक अपराधो से बच्चो का संरक्षण अधिनियम पास्को एक्ट भारतीय दंड विधान IPC की धारा 376 और इसकी अन्य संबद्ध धाराओ के तहत बलात्कार के कुल 38,947 मामले दर्ज किए गए, इनमे से 36,859 प्रकरणों में पीड़ित बच्चियों और महिलाओं के परिचितों पर उन्हें हवस का शिकार बनाने के इल्जाम लगे. NCRB के आकड़ो के मुताविक वर्ष 2016 में बलात्कार के 630 मामलो में पीड़िताओ के साथ उनके दादा, पिता. भाई और बेटे ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया. जबकि  प्रकरणों में उनके अन्य नजदीकी संबंधियों पर उनकी अस्मत को तार तार करने के आरोप लगे. पिछले साल 2174 मामलो में पीड़ित बच्चियों और महिलाओं के रिश्तेदार इनसे बलात्कार के आरोप की जद में आए, जबकि 10520 प्रकरणों में पीड़िताओ के पड़ोसियों पर दुष्कृत्य की प्राथमिकी दर्ज कराई गई. नियोक्ताओं और सहकर्मियों पर 600 मामलो में बलात्कार का आरोप लगा. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इन आकड़ो पर चिंता जताते हुए कहा, हमारे समाज में लडकियों पर हमेशा से तमाम पाबंदियां लगाई जाती है. लेकिन यह सब बहुत हो गया अब वक्त आ गया है कि हर घर में लड़को को बचपन से ही सिखाया जाए की उन्हें देश के सामाजिक मूल्यों के मुताबिक अपने परिवार और इससे बाहर की बच्चियों तथा महिलाओं में किस तरह बर्ताव करना चाहिए. उन्होंने कहा की इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री आसानी से उपलब्ध है. ऐसे में लड़को की सोच को गंदी होने से बचाने के लिए माता पिताओ को ध्यान रखना चाहिए कि वे मोबाईल फोन और कम्पूटर पर क्या देख रहे है. NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016 में महिलाओं के लिव-इन जोड़ीदारो पतियों और पूर्व पतियों पर 557 मामलो में दुष्कृत्य के प्रकरण पंजीबद्ध हुए. शादी का वादा कर महिलाओं से बलात्कार के 10068 मामले दर्ज किए गए. रिपोर्ट बताती है की पिछले साल बलात्कार के अन्य 11223 पंजीबद्ध मामलो में भी पीड़ित बच्चियां और महिलाए आरोपियों से किसी न किसी तरह परिचित थी. सरकार को उचित कदम उठाना चाहिय ताकि भारत के महिलाओ और बच्चियों का भविष्य अच्छा रहे.

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