ट्रेन पटरी से बाहर कई की मौत 

ट्रेन पटरी से बाहर कई की मौत 

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चित्रकूट : उत्तरप्रदेश के चित्रकूट के मानीकपुर में वास्को डी गामा-पटना एक्सप्रेस ट्रेन शुक्रवार तड़के दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. इस दुर्घटना में कम से तीन लोगो की मौत हो गयी व  नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. मरने वाले तीन लोगों में दो लोग बिहार के बेतिया के रहने वाले पिता-पुत्र हैं. यह दुर्घटना शुक्रवार तड़के 4.18 बजे हुई. दुर्घटना चित्रकूट के मानिकपुर स्टेशन के पास ही हुई. बाद में दुर्घटनाग्रस्त डब्बों को हटाकर ट्रेन को रवाना किया गया. इस ट्रेन का नंबर 12741 है, जो गोवा से पटना जा रही थी. इलाहाबाद से रेलवे के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं. एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल इक्यूपमेंट ट्रेन भी घटनास्थल की ओर भेजी गयी है. प्रभावित लोगों को इलहाबाद की ओर भेजा जा रहा है, जहां उन्हें विशेष ट्रेन से पटना भेजा जायेगा. रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने कहा है कि रेलमंत्री  पीयूष गोयल पूरी स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं और तेजी से राहत बचाव चलाया जा रहा है. सक्सेना ने कहा है कि इस ट्रेन में स्लीपर कोच अधिक प्रभावित हुए हैं. ट्रेन में स्लीपर के दो अतिरिक्त कोच भी लगाये गये थे. चित्रकूट के एसपी ने तीन लोगों के मरने की पुष्टि की है. रेल मंत्री में मरनेवालों को पांच पांच लाख रुपए और गंभीर रूप से घायल लोगो को एक एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. उड़ीसा में भी एक मालगारी पटरी से बाहर हो गयी है. पिछले 15-20 सालो का रिकार्ड देखे तो अनेको ट्रेन दुर्घटना ग्रस्त हुई है हजारो बेकसूर लोगो की जाने गयी है. अरबो रूपए का सामान बर्बाद हुआ है, खरबों रूपए का जान माल और समय की बर्बादी हुई है. ये आकड़े विकसित देशो की तुलना में है जो ज्यदा जनसँख्या को संभालते हुए ट्रेनों को अच्छे तरह से चलाते है. समय की मांग है की तमाम पूर्वाग्रहों को छोड़ते हुए आस्था पर बहुत अधिक खर्च को किनारे करते उस पैसे को ट्रेनों के विधिवत अच्छे संचालन में विकसित देशो की तकनिक अपनाने की जरुरत है. सीखने की जरुरत है 70 सालो के मकड़जाल को साफ करने की जरुरत है इसमे सबसे बड़ा काम बड़े पद पर अयोग्य लोगो को रेलविभाग से हटाने की जरुरत है. एक मुस्त राशि देकर हटाया जाय ताकि उन पैसे को सही जगह इन्वेस्ट करके अच्छे से जीवन यापन करते रहेंगे. ये भी मिलेगा वो सिर्फ इसलिए की सरकारी विभाग में किसी भी रूप से सेवा करने का अवसर मिला है और इनके परिवार बच्चे है.
विज्ञान प्रयोग के आधार पर चलता है आस्था के आधार पर नहीं, संसार में कोई भी धर्म में अभी वैसा कोई भी आदमी नहीं है जिसको बोर्डर पर भेज दिया जाए तो अपने मायावी शक्ति से दुश्मनों को खत्म कर दे. अध्यात्म आत्मचिंतन का विषय है जिससे लक्ष्य को पूरा किया जाता है. ट्रेनों या अन्य किसी भी सड़क, या वायुयान में दुर्घटना को रोकने के लिए विज्ञान के तकनिक का ही प्रयोग किया जाता है.

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