माल्या, ललित मोदी के प्रत्यर्पण की मांग

माल्या, ललित मोदी के प्रत्यर्पण की मांग

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भारत ने विजय माल्या और ललित मोदी समेत 13 भगोड़ो के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन से सहयोग मांगा है और उससे कहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल कश्मीरी तथा खलिस्तानी आगलाववादियों द्वारा नहीं होने दे. अधिकारियों ने गृह राज्यमंत्री किरेन रिज्जू ने ब्रिटेन के आव्रजन राज्यमंत्री ब्रांडन लुईस के साथ यहां दोनों पक्षों की बैठक में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि रिज्जू ने शराब कारोबारी विजय माल्या, पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी और क्रिकेट सटोरिये संजीव कपूर समेत 13 लोगो के प्रत्यर्पण में ब्रिटेन से सहयोग मांगा है. भारत ने 16 अन्य कथित अपराधियों के अभियोजन में भी कानूनी सहायता मांगी है. रिज्जू ने लुइस से ब्रिटिश सरजमी का इस्तेमाल कश्मीरी और खालिस्तानी आल- गाववादियों द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने को कहा है. अब समय आ गया है कि विश्व के सभी अच्छे देश आतंकवाद, सभी तरह के अपराध में भगोड़े अपराधी को लाने में, प्रत्यर्पण करने में एक दूसरे का भरपूर सहयोग किया जाए. “फुट डालो और राज करो की नीति” का त्याग करना चाहिए क्युकि कोई किसी दूसरे देश को जलाते है तो निश्चित है एक दिन आपकी बारी आती है, उस समय बचाने वाला कोई नहीं होता है. विकसित देश और अन्य देश अपराध और आतंकवाद से बुरी तरह त्रस्त है. ऐसे समय में सभी अच्छे देश एक दूसरे के साथ दोस्ताना संबंध अपनाते है तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान हो जाता है. अभी तक तो जनता ये जानती है की अपने देश में जीतना चाहे अपराध करे दूसरे देश में जाकर आराम से रह सकते है और यही हो रहा है.
इसका दुस्परिणाम ये होता है कि एक देश से दूसरे देश में दरार पैदा हो जाता है. जनता सर्वोपरि है, सब देखती है कि क्या क्या हो रहा है और जनता करोड़ो में है, उसके आवाज़ को रोक नहीं सकते है. विश्व में प्रतियोगिता अच्छे आदर्श विचारो का किया जा सकता है. ये भी देखा गया है कि खराब विचारो के समर्थको की संख्या लाखो में है. उससे फर्क नहीं पड़ता है क्युकि अच्छे विचार वाले भी करोड़ो में है. पिछले कितने दशको से देखा गया है कि सभी तरह के अपराध पर काबू नहीं हो सका है, पुरानी बातो को भूलकर नए और वर्तमान पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए काम करने की जरुरत है. सभी अच्छे देश इन अच्छे विचारो को किसी न किसी रूप में समर्थन जरुर करते है. सभी देशो में कानून थोडा अलग अलग है लेकिन कानून का आधार एक होना चाहिए, आदर्श और सच्चा सभी अच्छे इंसान के लिए. इसके लिए जरुर अपने अपने देशो के कानून में उदारतापूर्वक सुधार करने की जरुरत महसूस किया जा रहा है. इंटरनेट के कारण पूरे विश्व मे लिखने, समझने और पढने का अवसर जनता को इसलिए मिल रहा है कि वैज्ञानिको ने इंटरनेट का खोज किए है, लेकिन इसका भरपूर गलत उपयोग भी हो रहा है. देशो के कानून में व्यापक सुधार की जरुरत महसूस किया जा रहा है.

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