चीन में बड़े हमले होने की अशंका

चीन में बड़े हमले होने की अशंका

228
0
SHARE

चीन पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआईएम) के आतंकवादियों से लोहा ले रहा है. ऐसा बताया जाता है कि ईटीआईएम के इस्लामिक स्टेट आतंकवादी संगठन के साथ संबंध है.
शिनजियांग प्रांत से आतंकवादी हमलों की आशंका के बीच सत्तारूढ़ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की महत्वपूर्ण कांग्रेस के मद्देनजर बीजिंग को सुरक्षा के लिहाज से कोई कसर नहीं छोड़ा गया है, पूरी सुरक्षा की तैयारी की गयी है. हांलाकि सरकार ने मुस्लिम बहुल शिनजियांग प्रांत में किसी सुरक्षा अभियान से इनकार किया है. थ्येनआन स्क्वेयर समेत राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती देखी गई है. हर पांच साल में होने वाली यह कांग्रेस ग्रेट हॉल आफ द पीपुल में आयोजित होगी.
चीनी विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता लु कांग ने शिनजियांग में सुरक्षा बलों द्वारा पाबंदियां बढ़ाने की खबरों का खंडन करते हुए कहा, ‘‘मैंने आपके द्वारा उल्लेखित हालात के बारे में कभी नहीं सुना है.”  उनसे उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगाए जाने, चेहरा पहचानने वाली प्रौद्योगिकी की तैनाती, टेलीफोन ट्रैकिंग और उईगर मानवाधिकार संगठनों के आरोपों से जुड़ी खबरों के बारे में पूछा गया था. लु ने कहा, ‘‘मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि शिनजियांग के लोग खुश हैं और शांतिपूर्ण ढंग से काम कर रहे हैं. हमने स्थानीय अधिकारियों द्वारा उठाए गए इस तरह के कदमों के बारे में कभी नहीं सुना.’’
सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की इस सप्ताह होने वाली इस अहम कांग्रेस में व्यापक अधिकारों के साथ अपनी दूसरी पारी की शुरूआत करने वाले चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग की नजर अभूतपूर्व तीसरे कार्यकाल की ओर हो सकती है. पर्यवेक्षकों ने यह राय जाहिर की है. यह घोषणा 2002 से लागू परंपरा के अनुरूप होगी, जिसमें शीर्ष नेताओं को दो कार्यकाल दिए जाते हैं. इसके बाद वे अवकाशग्रहण कर लेते हैं. पांच साल पहले हुयी 18वीं कांग्रेस में तत्कालीन राष्ट्रपति हू जिन्ताओ और प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने दो कार्यकालों के बाद परंपराओं का पालन करते हुए सत्ता शी को सौंप दी थी, जो उस समय राष्ट्रपति थे.
शी चिपिंग एक अनुभवी नेता है वे आतंकवाद से चीन में हुए जान माल की नुकशान से काफी चिंतित रहते है, विस्तारवादी नीति को त्यागकर वे विश्व से आतंकवाद को खत्म करने के लिए काम करने पर योजना बना रहे है क्युकि ऐसा नहीं करने से उन्हें पता है की ईश्वर है दुसरो का घर जलते हए देखते रहने का समय अब नहीं है. सच का साथ देना चाहिए नहीं तो चीन की आनेवाली पीढ़ी, चुनाव और विश्व के सम्मानित वर्ग गलत नजरिये से देखेगे. इतिहास के पन्नो में गलत नामो से जाना जाएगा. फिर अपना चीन भी बर्बादी की रास्ते पर चला जाएगा जो हरहाल में धातक है अपूर्णीय छति होगा. शी चिपिंग को केवल नाराजगी इस बात से रहती है की परोसी देश भी हमें सम्मान दे जीवन के क्या है मान सम्मान सबसे ऊपर है.

LEAVE A REPLY