धनु राशि में प्रवेश कर रहे शनिदेव

धनु राशि में प्रवेश कर रहे शनिदेव

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शनिग्रह का 26 अक्टूबर से स्‍थान परिवर्तन- राशियो पर भारी असर # ग्रह मंडल की बड़ी घटना शनि का शुभ-अशुभ प्रभाव खास मायने राजनीति का कारक ग्रह शनि #  वृषभ और कन्या राशि पर फिर से शनि की ढैया का दौर आरंभ मकर राशि वालों पर शनि की साढ़े साती आरंभ  #जो व्यक्ति बुरे वक्त में भी अच्छाई का दामन थामे रखता हैशनि उसका हाथ कभी नहीं छोड़ते उसे अपनी छत्रछाया में सुरक्षित रखते हैं # 26 अक्टूबर से मेषसिंह और तुला राशि पर से अपनी नजर फेर लेंगे   # तीनों राशियों को लंबे वक्त के बाद राहत तीनों राशियों के अच्छे दिन #26 अक्तूबर को शनि धनु राशि मे परिवर्तन कर रहें हैं और 24 जनवरी 2020 तक बने रहेंगेइस बदलाव से राशियों के किस्मत बुलंद होने और बाकी के राशियां सतर्क रहें # शनि देव इन्सान के कर्मो के अनुसार ही फल देते हैशनि बुरे कर्मो का दंड अवश्‍य देते है.
मीन राशि को प्रमोशन,व्यापार वृद्धिसम्मान मिलने का योग है. पारिवारिक जीवन एवं प्रेम संबंध के लिए सुखद फलदायी रहेगा. आर्थिक क्षेत्र में किया गया प्रयास लाभ देगा। नौकरी व्यवसाय में आय बढेगी. भाइयों के साथ संबंध अच्छे रहेंगेप्रभाव में वृद्धि होगी.
शनिग्रह 26 अक्टूबर से अगले दो साल के लिए अपना स्थान बदलने जा रहे हैं. शनि को ज्योतिष में न्यायप्रजातंत्रलोहाज्ञानवैराग्यराजयोग और राजनीति का कारक ग्रह माना जाता है ऐसी मान्यता है कि जो लोग घमंडी और दुराचारी होते हैं और जब उनकी राशि पर शनि की साढ़े साती और ढैया आती है तो शनिदेव उनके अहंकार और बुरे कर्मों का फल देते हैं. दूसरी ओर अच्छे व्यक्तियों को लाभ भी पहुंचाते हैं. वर्तमान में शनि वृश्चिक राशि में हैंलेकिन अगले गुरुवार यानी 26 अक्टूबर को वे 24 महीने के लिए धनु राशि में चले जाएंगे. इसके चलते राशियों के जातकों पर पड़ने वाले प्रभाव में भी फेरबदल होगा. जहां तुला राशि से शनि की साढ़े साती और मेष तथा सिंह राशियों से शनि की ढैया समाप्त हो जाएगीवहीं इस बदलाव से मकर राशि में शनि की साढ़े साती का प्रथम ढैया शुरू होगा.
26 अक्तूबर को शनि अपना घर बदलने जा रहे हैं. ज्योतिष विद्वान इसे ग्रह मंडल की बड़ी घटना मानते हैं. वैसे तो नव ग्रह का अपना-अपना महत्व हैवह किसी न किसी रूप में जीवन को प्रभावित करते हैं लेकिन शनि का शुभ-अशुभ प्रभाव खास मायने रखता है. हनुमान जी को प्रसन्न कर शनि देव के हर वार से बचा जा सकता है. मंगलवार और शनिवार हनुमान जी के खास उपाय करने के लिए आदर्श दिन माने गए हैं. हनुमान जी के मंदिर में बैठकर राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करेंगुड़ और चने का भोग लगाएं. जीवन में आ रहे संकटों का नाश होगा.
जहां इन तीन राशियों को सौगात मिलने जा रही हैवही कुछ राशियों पर शनि की तिरछी नजर बरकरार हो जाएगी. 26 अक्टूबर से वृषभ और कन्या राशि पर फिर से शनि की ढैया का दौर आरंभ हो जाएगा और मकर राशि वालों पर शनि की साढ़े साती आरंभ होगी.  राम नाम का जाप करने से शनि से संबंधित हर प्रकार के दोषों का प्रभाव कम होता है.  जल में काले उड़द को प्रवाहित करके भी अपने शनि ग्रह को शांत किया जा सकता है. शनिदेव सबसे क्रूर ग्रह कहलाए जाते हैं. इनके प्रकोप से कोई भी व्यक्ति बच नही सकता क्योंकि शनि जिस किसी पर भी अपनी दृष्टि डालते हैं वहीं पर अकस्मात समस्याएं उत्पन्न कर देते हैं.
वृश्चिक राशि से प्रभावित  मोदी और बीजेपी के लिए समय कठिन होने के ज्योतिषीय संकेत दे रहे हैं.
शनि एक ऐसा ग्रह हैजिसका नाम सुनते ही पापियों के पसीने छूट जाते हैं. दरअसल शनि अच्छे के साथ अच्छे और बुरे के साथ बुरा व्यवहार करते हैं. यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है की उसने शनि कृपा पाने लिए कैसे कर्म करने हैं. शनि समय-समय पर अपनी चाल बदलते रहते हैं. जिस राशि पर साढ़ेसाती और ढ़ैय्या का प्रभाव होता हैउसे अनचाही परेशानियों से रू-ब-रू होना पड़ता है. जो व्यक्ति बुरे वक्त में भी अच्छाई का दामन थामे रखता हैशनि उसका हाथ कभी नहीं छोड़ते और उसे अपनी छत्रछाया में सुरक्षित रखते हैं. 26 अक्टूबर बृहस्पतिवार को शनि अपना घर बदलेंगे. वह वृश्चिक राशि को छोड़कर पुन: धनु राशि में प्रवेश करेंगे. वर्तमान समय में वह वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं. अब वह 26 अक्टूबर से मेषसिंह और तुला राशि पर से अपनी नजर फेर लेंगे. जिससे इन तीनों राशियों को लंबे वक्त के बाद राहत का अनुभव होगा. मेष और सिंह राशि पर ढाई साल से ढैय्या का जोर थाजो अब समाप्त हो जाएगा। अब इन तीनों राशियों के अच्छे दिन लौट आएंगेधन लाभ के भी योग बन रहे हैं. वृश्चिक राशि में शनि की साढ़े साती का अंतिम चरण लाभदायक रहेगा वहींधनु राशि में मध्य चरण गृह क्लेशशारीरिकमानसिक कष्ट और रोजगार में उतार-चढ़ाव वाला रहेगा. मकर राशि का पहला चरण लाभदायक रह सकता है. वृषभ और कन्या राशि वालों के लिए शनि की ढैया कष्ट कारक साबित होगी.
घर में शनि यंत्र की स्थापना करें व सभी पारिवारिक सदस्य मिलकर पूजन करें. प्रतिदिन यंत्र के आगे कड़वे तेल का दीपक अर्पित करें. शनि का प्रकोप शांत होगा.
काले धागे को माला की तरह गले में पहनेंशुभ होंगे. 
किसी विद्वान से लाल चंदन की माला को अभिमंत्रित करवाकर गले में धारण करने से शनि दोष से मुक्ति मिलेगी.
रूद्राक्ष की माला से इन मंत्रों का जाप करेंगे तो शीघ्र लाभ होगा.
लघु मंत्र- ऊं ऐं ह्लीं श्रीशनैश्चराय नम:
हनुमान मंत्र- श्री हनुमते नमः

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