मोदी के खिलाफ बगावती तेवर

मोदी के खिलाफ बगावती तेवर

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भाजपा डाल-डाल तो कांग्रेस पात-पात चल रही है. पार्टी ने राबर्ट वाड्रा और हथियारों के सौदागर संजय भंडारी के बीच संबंधों को लेकर कुछ समाचार चैनल पर प्रसारित खबर तथा इसे लेकर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया के जवाब में सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला है.
पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नैतिकता पर सीधे सवाल उठाया है. पार्टी के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संजय भंडारी और रावर्ट बाड्रा कनेक्शन पर सफाई देते हुए प्रधानमंत्री और भाजपा नेताओं से सवाल पूछे हैं.
अभिषेक मनु सिंघवी ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रधानमंत्री की 2003-2007 में गुजरात का मुख्यमंत्री रहने के दौरान की गई करीब 100 हवाई यात्रा का ब्यौरा देते हुए सवाल उठाया है.
गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी ने यह यात्राएं चाटर्ड प्लेन से की हैइनमें से चार विदेश यात्राओं का भी जिक्र हैसिंघवी के अनुसार रेन एयर सर्विसओरिएंट फ्लाइंग स्कूलवीडियोकॉन,सेंचुरीआडानी और रिलायंस के निजी विमान से यह यात्राएं हुई हैंकांग्रेस का पहला सवाल है कि प्रधानमंत्री और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री उस समय संवैधानिक पद पर थेऐसे में यह एक बड़ा सवाल है कि उनके इस घरेलू और विदेशी चाटर्ड हवाई यात्रा का भुगतान किसने और क्यों कियाक्या मुख्यमंत्री मोदी जी को यह यात्राएं उपहार (गिफ्ट) में थीमुख्यमंत्री यदि एक भी पैसा लेता है तो वह गिफ्ट में आता हैइसका कही उल्लेख नहीं हैऐसे में यह भी एक बड़ा सवाल है कि किस अधिकार से तत्कालीन मुख्यमंत्री ने यह गिफ्ट लिया?

गुरुदासपुर के उपचुनाव में भाजपा की हार हुई है इसके साथ साथ महाराष्ट्र के कुछ स्थानीय चुनावो और इलाहाबाद, गुवाहाटी, दिल्ली व जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के चुनावों में मिली हार हलाकि छात्र का समय पढने का होता है राजनीति चुनाव तो होने ही नहीं चाहिये, मोदी के ऊपर चिंता की रेखाए खीच दी है. राजीव गाँधी की सरकार 410 सीट लेकर संसद में आयी सबसे मजबूत सरकार थी. राजीव गाँधी ने 1989 में चुनाव अपने दम ख़म पर लड़ा था. बोफोर्ष तोप घोटाले के कारण सरकार की ऐसी तैसी हो गयी और अगले चुनाव में बहुत कम सीट आयी. मोदी जी के सामने 2019 चुनाव सामने है.
गुजरात और हिमाचल में चुनाव होने है जनता अच्छी तरह समझती है की कांग्रेस से त्रस्त होकर भाजपा को बहुत मजबूत स्थिति में बैठाया गया है, जनता को कितना फ़ायदा हुआ है जनता को मालुम है. कुछ अच्छे निर्णय लिए गए नोट बंदी जरुरी था इससे राष्ट्रीय सुरक्षा में फायेदा हुआ लेकिन कश्मीर से 370 धराये नहीं हटाया गया अभी भी समय है एक साल के अंदर हटाया जाए. देश में न्युनतम वेतन लागू है लेकिन कितने लोगो को मिलता है ??
ईश्वर सभी जगह है फिर भी आस्था के नाम पर बहुत अधिक धन का उपयोग होता है जबकि एक साल में कई लाख लोग कुपोषण और आत्महत्या से मरे है. लाखो लोगो को रोजगार नहीं मिलना,  जी एस टी सही है लेकिन भारत में सभी जगह नेटवर्क का नहीं होना और साईबर सुरक्षा जैसी समस्या के कारण सही प्रकार से लागू नहीं हो पाना मुसिबत बना रहा है. ऐसे कई समस्या है जिसके कारण जनता सोचने पर मजबूर है. यसवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा भी समय समय पर विरोध करते रहे है. मोदी जी और उनके ७-८ साथी काफी अच्छा काम किये है लेकिन प्रशासनतंत्र सही से कामो को लागू नहीं कर पाया है ऐसा मालुम पड़ता है की इनलोगों को काम नहीं करने की आदत के कारण भी जनता परेशान रही है.
समय के साथ तेजी से बदलाव करने की जरुरत है नहीं तो आनेवाले चुनाव में नतीजा प्रभावित हो सकता है असल में सभी छेत्रो में गहराई में जाकर विश्वस्तर के काम करने की जरुरत है. जापान, इस्राएल जैसे देशो से बहुत कुछ सीखने की जरुरत है.

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